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दायित्व किसका ....

 दायित्व किसका .....

.विज्ञापनों से भरे बाज़ार से वास्तु खरीदने के लिए असंख्य लुभावने सपने पैर जब उसमे कोई दोष निकल आये या सर्विस सेंटर पैर जाने की नौबत आये तो न तो उत्पादक दायित्व लेता है न सर्विस सेंटर . कानूनी टूर पैर किसका दायित्व बनता है आवर अपने अधिकार का प्रयोग कैसे किया जाये ,यह एक बड़ा प्रश्न है .

·         पिछले दो दशको से गारंटी का प्रचलन लगभग समाप्त ही हो गया है और उसके स्थान पर अब हर प्रॉडक्ट के साथ एक वारंटी कार्ड मिलता है जिसे भर कर बताए गए सेर्विस सेंटर को देना होता है । यह एक तरह से डीलर की तरफ से दी  जाने वाली  वार्षिक मरम्मत  की निशुल्क सुविधा है. यह सर्विस सेंटर वास्तव में उत्पादक द्वारा स्थापित केंद्र है .किन्तु सर्विस सेंटर से वास्तु खो जाने ,वापिस न मिले पैर उत्पादक और सर्विस सेंटर दोनों का दायित्व बनता है क्योकि सर्विस सेंटर स्थापित करके उत्पादक ही अपने उत्पाद के लिए ग्राहक को आकर्षित करता है और यदि सर्विस सेंटर ठीक से सुविधा नहीं दे रहा तो उसका दायित्व भी उसका है आवर उसके विरुद्ध कार्यवाही भी उसे भी करनी चाहिए . उपभोक्ता दोनों को पार्टी बना कर उपभोक्ता अदालत जा सकता है .

·         सर्विस सेंटर के विरुद्ध कर्येवाही करने के लिए आपके पास जॉब कार्ड होना चाहिए जिसमे वास्तु देने की तारिख तथा उसमे पाई गयी त्रुटी का विवरण होता है .

·         मोबाइल आदि जैसी वस्तुओ को बेचते समाये उसे इन्सुरेड बता केर दाम अधिक लिए जाते है .ऐसी स्थिति में रसीद में इन्सुरांस का उल्लेख तथा इन्सुरांस कंपनी का नाम अवश्य देख ले . कठिनाई आने पैर आप डीलेर ,उत्पादक और इन्सुरांस कंपनी तीनो को पार्टी बना केर उपभोक्ता अदालत में अपना दावा डाल सकते है .

·         जहाँ पार्किंग की सुविधा आपको होटल की  तरफ से दी जा रही होती है उसके लिए आपके रेस्टोरंट मे खाने पीने के साथ जोड़े गए सर्विस टेक्स  या अनये चरजिस  के रूप मे लिए ही जाते है। इस तरह कार पार्किंग का किराया ग्राहको के खाने के बिल मे ही समाहित होता है ।ग्राहको को आकर्षित करने के लिए दी  गई सुविधाओ के पीछे मंतव्ये होता है ओर यही लाभ उनका शुल्क होता है ।इसलिए होटल कार की सुरक्षा का जिम्मेदार होगा 

·         पार्किंग के समय यह जांच ले कि पार्किंग किसको अलोटेड है तथा पर्ची पर गाड़ी का नंबर पूरा लिखा है या नहीं।  पर्ची वा वोलेट सुविधा मे मिली डॉकेट कॉ संभाल कर रखे।

·         चाबी आम खुली पार्किंग के समय छोड़ कर न जाये, गाड़ी ठीक से लगवा कर चाबी वापिस ले क्योकि इस का कोई भरोसा नहीं होता कि कौन  कब ड्यूटी  पर था।

·         यदि खो गए वाहन का दावा  बीमा कंपनी ने पास कर दिया हो तो उसपर  होटल से वहाँ के खोने का मुआवजा नहीं मिल सकता क्योकि एक नुकसान के लिए दो बार भरपाई नहीं की जा सकती।

·         बाज़ार आदि में खुली पार्किंग के मामले में जगह जगह पार्किंग के लिए परचियां लिये  खड़े व्यक्ति भाग कर आपके पास आ जाएंगे आपको यह जानना ज़रूरी होगा कि ये पार्किंग अथोराइसड है या नहीं । दूसरा, अपनी गाड़ी का नंबर पूरा लिखाये । चाबी  दे कर न जाएँ ,ठीक से लगवा कर चाबी वापिस ले क्योकि इस का कोई भरोसा  नहीं होता कि कौन  कब ड्यूटी  पर था। इन सब बातों का यदि आपने ध्यान रखा है तो आप पार्किंग अथारिटी को सेवा मे कमी का दोषी मान सकते है ओर उपभोक्ता अदालत मे शिकायत कर सकते है ।

डॉ प्रेम लता

अलर्ट कांसुमेर कालम

 

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